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दिल्ली में पुराने कपड़ों का होगा नया इस्तेमाल, DMRC लगाएगा कलेक्शन बॉक्स

May 28, 2026 Source: Indivox News

दिल्ली में पुराने कपड़ों का होगा नया इस्तेमाल, DMRC लगाएगा कलेक्शन बॉक्स
दिल्ली में अब घरों में पड़े पुराने और अनुपयोगी कपड़े कचरे का हिस्सा नहीं बनेंगे, बल्कि उन्हें रिसाइक्लिंग और अपसाइक्लिंग के जरिए नए उपयोगी उत्पादों में बदला जाएगा। पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल पर दिल्ली सरकार ने एक नई योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) राजधानी के 10 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर पुराने कपड़े जमा करने के लिए विशेष कलेक्शन बॉक्स लगाएगा। सरकार का कहना है कि तेजी से बढ़ता कपड़ा अपशिष्ट पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती बन चुका है। बड़ी मात्रा में पुराने कपड़े कचरे के रूप में फेंक दिए जाते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कपड़ों के पुनः उपयोग और वैज्ञानिक रिसाइक्लिंग को बढ़ावा देने की दिशा में यह कदम उठाया है। लोग अपने घरों में पड़े पुराने कपड़े इन कलेक्शन बॉक्स में जमा कर सकेंगे, जिसके बाद उन्हें अलग-अलग श्रेणियों में बांटा जाएगा। इस योजना के लिए जिन मेट्रो स्टेशनों को चुना गया है उनमें शाहदरा, मोहन एस्टेट, रोहिणी वेस्ट, लाजपत नगर, मालवीय नगर, मयूर विहार फेज-1, हौज खास, पंजाबी बाग वेस्ट, द्वारका और शालीमार बाग मेट्रो स्टेशन शामिल हैं। इन स्थानों पर लगाए जाने वाले बॉक्स के जरिए नागरिक आसानी से इस अभियान का हिस्सा बन सकेंगे। योजना के तहत उपयोग योग्य कपड़ों को गैर सरकारी संगठनों (NGO) और स्वयं सहायता समूहों की मदद से दोबारा इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा। साथ ही पुराने कपड़ों की अपसाइक्लिंग कर उनसे बैग, दरी और अन्य उपयोगी सामान बनाए जाएंगे। खास बात यह है कि तैयार किए गए उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री के लिए चयनित मेट्रो स्टेशनों पर विशेष स्थान भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जो कपड़े दोबारा उपयोग के लायक नहीं होंगे, उन्हें विशेष रिसाइक्लिंग यूनिट में भेजा जाएगा। वहां से रिसाइक्ल्ड यार्न, फाइबर और नॉन-वोवन फेल्ट जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस प्रक्रिया से कपड़ा अपशिष्ट को काफी हद तक कम किया जा सकेगा और अधिकतम सामग्री का पुनः उपयोग सुनिश्चित होगा। डीएमआरसी के अनुसार, इस परियोजना की ब्रांडिंग “दिल्ली मेट्रो लेडीज वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन” के नाम से की जाएगी। फिलहाल कलेक्शन बॉक्स लगाने, ब्रांडिंग और एमओयू से जुड़ी औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी होने के बाद इस योजना का आधिकारिक शुभारंभ किया जाएगा। यह पहल दिल्ली को स्वच्छ और पर्यावरण के प्रति अधिक जिम्मेदार शहर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।