Friday, June 12, 2026 English edition
Indi Vox News Indi Vox News

Every Voice Matters

World

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का जवाबी हमला, कुवैत में मचा हड़कंप

May 28, 2026 Source: Indivox News

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का जवाबी हमला, कुवैत में मचा हड़कंप
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी बमबारी के महज दो घंटे के भीतर ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत स्थित अल सलेम एयरबेस को निशाना बनाया। यह एयरबेस अमेरिकी सेना के प्रमुख सैन्य ठिकानों में गिना जाता है। ईरान की इस कार्रवाई के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के अनुसार, ईरान ने कुवैत के अल सलेम एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमला किया। वहीं कुवैत सरकार ने नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है। कुवैती सेना ने बताया कि एयरबेस के आसपास एयर डिफेंस सिस्टम को तुरंत सक्रिय कर दिया गया ताकि किसी भी संभावित हमले को रोका जा सके। तस्नीम समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास क्षेत्र के पास एक ड्रोन लॉन्चर ठिकाने पर हमला किया था। यह हमला ईरानी समयानुसार सुबह करीब 4:50 बजे हुआ। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई, क्योंकि एक अमेरिकी व्यापारिक जहाज पर ईरान की ओर से ड्रोन हमला किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, बंदर अब्बास के पास से गुजर रहे अमेरिकी व्यापारिक जहाज की सुरक्षा अमेरिकी सेना के जिम्मे थी। इसी दौरान ईरान की तरफ से चार ड्रोन छोड़े गए, जिन्हें अमेरिकी सेना ने हवा में ही मार गिराया। इसके बाद अमेरिकी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन लॉन्चर और एक सैन्य ठिकाने को नष्ट कर दिया। ईरान ने इस हमले को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। गौरतलब है कि अप्रैल महीने में अमेरिका और ईरान के बीच आधिकारिक तौर पर सीजफायर की घोषणा हुई थी। इसके बाद दोनों देशों के बीच परमाणु समझौते और संवर्धित यूरेनियम को लेकर बातचीत जारी थी। इसी हफ्ते ईरानी प्रतिनिधिमंडल कुवैत पहुंचा था ताकि अंतिम समझौते पर चर्चा की जा सके। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कैबिनेट बैठक के बाद स्पष्ट किया था कि अमेरिका किसी भी स्थिति में संवर्धित यूरेनियम चाहता है। दूसरी ओर ईरान इस मांग को मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा। माना जा रहा है कि इसी विवाद के चलते दोनों देशों के बीच हालात फिर बिगड़ गए। इस बीच क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका-ईरान टकराव के बीच इजराइल ने भी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में लेबनान पर बड़े सैन्य अभियान को मंजूरी दी थी। हिजबुल्लाह को ईरान समर्थित संगठन माना जाता है और वह “एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस” का हिस्सा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नियंत्रित नहीं हुए तो पूरा मध्य पूर्व बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर अमेरिका, ईरान और इजराइल की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।