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मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का इस्तीफा, राजभवन में सचिव को सौंपा पत्र
May 28, 2026 Source: Indivox News
कर्नाटक की राजनीति में बुधवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा औपचारिक रूप से राजभवन में जाकर सौंपा। हालांकि उस समय राज्यपाल बेंगलुरु में मौजूद नहीं थे, जिसके चलते उन्होंने अपना त्यागपत्र राज्यपाल के निजी सचिव को सौंप दिया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया, जिसमें उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार भी उनके साथ मौजूद रहे।
इस्तीफे से पहले दिन की शुरुआत एक अहम राजनीतिक बैठक से हुई। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अपने सभी कैबिनेट मंत्रियों को सुबह नाश्ते पर बुलाया, जिसे राजनीतिक हलकों में “ब्रेकफास्ट मीटिंग” के तौर पर देखा गया। इस बैठक में उन्होंने अपनी सरकार के तीन साल के कार्यकाल का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया और मंत्रियों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया। माना जा रहा है कि इसी बैठक में उन्होंने अपने इस्तीफे के फैसले के संकेत पहले ही दे दिए थे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात के लिए लगभग ढाई बजे का समय निर्धारित किया था। तय समय के अनुसार वह राजभवन पहुंचे, लेकिन राज्यपाल के अनुपस्थित रहने के कारण औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल के सचिव को सौंप दिया, जिससे यह प्रक्रिया पूरी की गई।
इस्तीफे के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिद्धारमैया ने सरकार के कार्यकाल, उपलब्धियों और भविष्य की राजनीतिक दिशा पर बात की। इस दौरान उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की मौजूदगी भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि दोनों नेताओं के बीच सत्ता संतुलन को लेकर लंबे समय से चर्चा चल रही थी।
यह घटनाक्रम कर्नाटक की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि राज्य में आगे नेतृत्व परिवर्तन किस दिशा में जाता है और नई राजनीतिक समीकरण कैसे बनते हैं।
कुल मिलाकर, सिद्धारमैया के इस्तीफे ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है, बल्कि राज्य की सत्ता संरचना को भी एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है।