Thursday, June 11, 2026 English edition
Indi Vox News Indi Vox News

Every Voice Matters

India

अमित शाह का बड़ा दावा- डर के कारण खुद लौट रहे हैं घुसपैठिए

May 28, 2026 Source: Indivox News

अमित शाह का बड़ा दावा- डर के कारण खुद लौट रहे हैं घुसपैठिए
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने पश्चिम बंगाल में बढ़ती अवैध घुसपैठ को लेकर बड़ा बयान दिया है। गुरुवार (28 मई 2026) को अहमदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि देश में अब हालात बदल चुके हैं और अवैध तरीके से भारत में घुसे लोग खुद ही वापस लौटने लगे हैं। इस दौरान उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee और टीएमसी सरकार पर भी निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि बंगाल में भाजपा द्वारा घुसपैठ के खिलाफ सख्त माहौल तैयार किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पहले राज्य में रोजाना बड़ी संख्या में घुसपैठ होती थी, लेकिन अब कार्रवाई के डर से लोग वापस लौट रहे हैं। गृह मंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग अवैध तरीके से देश में आए हैं, वे पहचान अभियान शुरू होने से पहले स्वेच्छा से लौट जाएं। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद वापस जाएंगे, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और सरकार उनकी सुरक्षित वापसी में मदद भी करेगी। गृह मंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार देशभर में अवैध घुसपैठियों की पहचान करने और उन्हें बाहर निकालने के लिए पूरी गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के निर्देश पर “डेमोग्रैफिक बदलाव” की जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी देश में हो रहे कृत्रिम जनसंख्या बदलाव, उसके कारणों और उससे निपटने के उपायों का अध्ययन करेगी। जरूरत पड़ने पर नए कानून बनाने की सिफारिश भी की जा सकती है। शाह के अनुसार, कमेटी एक साल के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। सीमा सुरक्षा को लेकर भी अमित शाह ने कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने केवल सात दिनों के भीतर बीएसएफ को 600 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध करा दी है। इसके अलावा “चिकन नेक” इलाके की 121 हेक्टेयर जमीन भी बीएसएफ को सौंप दी गई है। शाह ने कहा कि इससे बांग्लादेश सीमा पर लंबे समय से रुकी हुई फेंसिंग का काम तेजी से आगे बढ़ सकेगा और सीमा सुरक्षा पहले से अधिक मजबूत होगी। अमित शाह के इस बयान को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। भाजपा इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा बता रही है, जबकि विपक्ष इस बयान को राजनीतिक रणनीति के तौर पर देख रहा है। आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस मुद्दे पर और अधिक बहस देखने को मिल सकती है।