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मीत नगर रेलवे फाटक विवाद खत्म, अंडरपास निर्माण को मिली मंजूरी

May 29, 2026 Source: Indivox News

मीत नगर रेलवे फाटक विवाद खत्म, अंडरपास निर्माण को मिली मंजूरी
दिल्ली के मीत नगर रेलवे फाटक से जुड़ी वर्षों पुरानी समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इलाके के लोगों की मांग को सुनते हुए मीत नगर रेलवे फाटक के नीचे अंडरपास बनाने की अनुमति दे दी है। इस फैसले से खासकर सबोली श्मशान घाट आने-जाने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने रेलवे लाइन के नीचे अंडरपास निर्माण का फैसला लेते हुए इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया है। दरअसल, अशोक नगर के पास स्थित मीत नगर रेलवे फाटक पर कुछ साल पहले फ्लाईओवर बनाया गया था। फ्लाईओवर बनने के बाद रेलवे विभाग ने फाटक को पूरी तरह बंद कर दिया और दोनों तरफ दीवार बना दी। इसके चलते इलाके के लोगों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। खासकर सबोली श्मशान घाट तक पहुंचना बेहद कठिन हो गया था। रोहतास नगर, गोकुलपुरी और आसपास की कई कॉलोनियों के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए सबोली श्मशान घाट जाना पड़ता है। लेकिन रेलवे फाटक बंद होने के बाद लोगों को करीब दो किलोमीटर से अधिक का लंबा चक्कर लगाकर वहां पहुंचना पड़ता था। स्थानीय निवासी पिछले कई वर्षों से इस समस्या के समाधान की मांग कर रहे थे। इलाके के लोगों का कहना था कि दुख की घड़ी में लंबा रास्ता तय करना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई बार ट्रैफिक और खराब रास्तों के कारण लोगों को अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ती थी। इसी को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले का संज्ञान लिया और अंडरपास निर्माण को मंजूरी दी। स्थानीय विधायक जितेंद्र महाजन ने भी बताया कि वह कई वर्षों से इस मुद्दे को उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार बनने के बाद यह समस्या मुख्यमंत्री के सामने रखी गई, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई शुरू हुई। अब अंडरपास बनने से न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि सबोली श्मशान घाट तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। मीत नगर रेलवे फाटक पर पहले भारी जाम की स्थिति रहती थी। रोड नंबर 63 और वजीराबाद रोड को जोड़ने वाले इस रास्ते पर लोगों को घंटों ट्रैफिक में फंसना पड़ता था। फ्लाईओवर बनने से जाम की समस्या तो कम हुई, लेकिन फाटक बंद होने के कारण स्थानीय लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई थी। अब अंडरपास बनने से दोनों समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होकर लोगों को राहत मिलेगी।