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Delhi-Katra NE-5 Expressway: 10 घंटे का सफर अब होगा सिर्फ 8 घंटे में पूरा
May 29, 2026 Source: Indivox News
केंद्र सरकार ने दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दे दी है। यह हाई-स्पीड कॉरिडोर दिल्ली को हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर से जोड़ने वाला एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इस एक्सप्रेसवे का नाम दिल्ली-कटरा एनई-5 एक्सप्रेसवे रखा गया है। छह लेन वाले इस कॉरिडोर के निर्माण पर लगभग 1,500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने इसे मार्च 2027 तक शुरू करने का लक्ष्य तय किया है।
इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में शामिल करने की अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। माना जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर भारत में सड़क संपर्क और अधिक मजबूत होगा। सबसे बड़ा फायदा माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं को मिलेगा, क्योंकि दिल्ली से कटरा तक की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। अभी जहां इस सफर में 10 से 14 घंटे तक लगते हैं, वहीं एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी सिर्फ 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी।
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे की शुरुआत दिल्ली के रानी खेड़ा गांव के पास एनएच-344एम से होगी। इसके बाद यह जसौर खेड़ी गांव के पास कुंडली-मानेसर-पलवल (KMP) एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। वहां से यह हरियाणा और पंजाब के कई महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों से गुजरते हुए जम्मू-कश्मीर के कटरा तक पहुंचेगा।
हरियाणा में यह कॉरिडोर खरखौदा, गोहाना, बुटाना, कलायत और बार्टा जैसे इलाकों से होकर निकलेगा। वहीं पंजाब में यह गुलज़ापुर, पटरान, भवानीगढ़, धुरी, मलेरकोटला, अहमदगढ़, मुल्लांपुर दाखा, नूरमहल, करतारपुर और गुरदासपुर बाईपास जैसे क्षेत्रों को जोड़ते हुए आगे बढ़ेगा। अंत में यह कटरा के पास एनएच-144 से जुड़ जाएगा।
सरकार का मानना है कि इस परियोजना से धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी। खासतौर पर श्रीमाता वैष्णो देवी भवन और उसके आसपास स्थित धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे श्रद्धालुओं की यात्रा अधिक आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगी।
इसके अलावा ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से व्यापारिक गतिविधियां तेज होंगी और उत्तर भारत के कई राज्यों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे को मोदी सरकार की बड़ी कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है।