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CJP को लेकर RSS की दो टूक, कहा- ‘भारत के युवा बांग्लादेश जैसे आंदोलन नहीं चाहते’
May 30, 2026 Source: Indivox News
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने पहली बार चर्चित “कॉकरोच जनता पार्टी” (CJP) को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख **सुनील आंबेकर** ने कहा कि भारत का युवा वर्ग, विशेष रूप से ‘Gen-Z’, देश के लोकतांत्रिक ढांचे और संविधान पर गहरा विश्वास रखता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय युवाओं को अपनी बात रखने और बदलाव की मांग करने के लिए किसी असंवैधानिक या उग्र आंदोलन की आवश्यकता नहीं है।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर तेजी से लोकप्रिय हुई कॉकरोच जनता पार्टी को लेकर पूछे गए सवाल पर आंबेकर ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र इतना मजबूत है कि वह हर तरह के विचार, मत और भावनाओं को अपने भीतर समाहित कर सकता है। उनके अनुसार, युवाओं को लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक प्रक्रियाओं पर भरोसा बनाए रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत में स्वतंत्र और पारदर्शी चुनावी व्यवस्था मौजूद है। साथ ही, सोशल मीडिया और मीडिया के अन्य मंच नागरिकों को अपनी राय व्यक्त करने का पर्याप्त अवसर देते हैं। इसी वजह से भारत की स्थिति उन देशों से अलग है, जहां राजनीतिक अस्थिरता या जन आंदोलनों के कारण बड़े बदलाव देखने को मिलते हैं। आंबेकर ने कहा कि भारतीय युवाओं को अपने देश की संस्थाओं, संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है।
RSS नेता ने यह भी कहा कि भारत में राजनीतिक दल सक्रिय और सक्षम हैं तथा लोकतांत्रिक संस्थाएं मजबूत स्थिति में हैं। इसलिए किसी भी मुद्दे पर अपनी बात रखने के लिए पर्याप्त संवैधानिक रास्ते उपलब्ध हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय लोकतंत्र हर नागरिक की आवाज को सुनने और उसे स्थान देने की क्षमता रखता है।
गौरतलब है कि कॉकरोच जनता पार्टी पिछले कुछ सप्ताह से सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। यह अभियान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ था। अपने अनोखे प्रतीकों, डिजिटल कैंपेन और युवा-केंद्रित संदेशों के कारण इस समूह ने तेजी से ध्यान आकर्षित किया है।
हालांकि इसका मूल एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट 21 मई को भारत में ब्लॉक कर दिया गया था, लेकिन इसके बाद “Cockroach Is Back” नाम से नया अकाउंट बनाया गया। इस नए हैंडल को भी लाखों लोग फॉलो कर रहे हैं। 16 मई को शुरू हुए इस अभियान का दावा है कि इसका उद्देश्य युवाओं की आवाज को मजबूत करना और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक स्वतंत्र मंच तैयार करना है।
RSS की प्रतिक्रिया से यह संकेत मिलता है कि संघ युवाओं की सक्रिय भागीदारी का स्वागत करता है, लेकिन साथ ही लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों के भीतर रहकर अपनी बात रखने पर जोर देता है।