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25 एकड़ के लिए बहा खून, एक ही परिवार के 6 लोगों को मौत के घाट उतारा गया
May 30, 2026 Source: Indivox News
विजयपुरा, कर्नाटक: कर्नाटक के विजयपुरा जिले में जमीन विवाद ने ऐसा भयावह रूप ले लिया कि एक ही परिवार के छह लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई। इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मामला चडाचन पुलिस थाना क्षेत्र के गोविंदपुरा गांव का है, जहां 25 एकड़ कृषि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था।
पुलिस के अनुसार शुक्रवार दोपहर करीब 2 से 2:30 बजे के बीच यह खूनी वारदात हुई। जानकारी के मुताबिक निराले परिवार ने हाल ही में विवादित 25 एकड़ जमीन को नीवरगी के तेली परिवार से खरीदा था। यह भूमि पिछले लगभग 15 वर्षों से विवादों में घिरी हुई थी, जिसके कारण उस पर खेती भी नहीं हो पा रही थी।
बताया जा रहा है कि जब निराले परिवार के सदस्य जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे, तभी उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। हमलावरों ने हंसिया समेत अन्य घातक हथियारों का इस्तेमाल किया। हमला इतना अचानक और क्रूर था कि कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना में दुंडप्पा रेवनसिद्दप्पा निराले (65), शिवपुत्र रेवनसिद्दप्पा निराले (58), चंद्रकांत उर्फ चंदू रेवनसिद्दप्पा निराले (55), राहुल शिवपुत्र निराले (25), समर्थ शिवपुत्र निराले (23) और शब्बीर बाबूसाब अत्तर (45) की जान चली गई।
इसके अलावा अरविंद कटागे (72) और जेसीबी ऑपरेटर संदीप माने (33) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि इस विवाद की जड़ें केवल जमीन तक सीमित नहीं हैं। पुलिस को शक है कि वर्ष 2015 में हुए एक हत्या मामले से भी इस दुश्मनी का संबंध हो सकता है। उस समय शिवानंद पाटिल नामक युवक की हत्या हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच लगातार तनाव बना हुआ था।
विजयपुरा के पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण निंबर्गी ने बताया कि मौत के सटीक कारणों और वारदात में इस्तेमाल हथियारों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही की जा सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए कई विशेष टीमें गठित की गई हैं। प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।