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गुजरात पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई: 565 FIR, 638 गिरफ्तारी और 2289 करोड़ का खुलासा ...

June 1, 2026 Source: Indivox News

गुजरात पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई: 565 FIR, 638 गिरफ्तारी और 2289 करोड़ का खुलासा  ...
साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम देते हुए गुजरात पुलिस ने “ऑपरेशन म्यूल हंट 1.0” के तहत एक विशाल साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान पुलिस ने 2289 करोड़ रुपये की वित्तीय ठगी का खुलासा किया और 638 आरोपियों को गिरफ्तार किया। अभियान का मुख्य उद्देश्य साइबर अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे म्यूल अकाउंट नेटवर्क को नष्ट करना और आम लोगों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखना था। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CCE) ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्य के सभी पुलिस आयुक्तालयों, साइबर पुलिस स्टेशनों, लोकल क्राइम ब्रांच और रेंज कार्यालयों को इस विशेष अभियान से जोड़ा गया। म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते होते हैं जिनका उपयोग साइबर अपराधी धोखाधड़ी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने, छिपाने और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए करते हैं। कई बार लोग लालच या अनजाने में अपने बैंक खाते अपराधियों को उपलब्ध करा देते हैं, जिससे वे अपराध की श्रृंखला का हिस्सा बन जाते हैं। गुजरात पुलिस ने भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C), राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP), समन्वय पोर्टल और 1930 हेल्पलाइन से प्राप्त आंकड़ों का विश्लेषण कर संदिग्ध खातों और अपराधियों की पहचान की। तकनीकी निगरानी और डेटा इंटेलिजेंस की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया गया। अभियान के तहत प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए तथा बैंकों के साथ रियल-टाइम डेटा साझा करने की व्यवस्था भी बनाई गई। इस अभियान के दौरान 565 एफआईआर दर्ज की गईं, 193 म्यूल अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई और 4052 साइबर अपराध मामलों की पहचान हुई। इनमें से 491 मामले गुजरात से संबंधित पाए गए। पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई का प्रभाव बैंकिंग गतिविधियों में भी दिखाई दिया। चेक के माध्यम से होने वाली निकासी में लगभग 75 प्रतिशत की कमी आई, जबकि एटीएम से नकद निकासी में 66 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। भविष्य में साइबर अपराध पर और प्रभावी नियंत्रण के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मार्गदर्शन में AI आधारित रिस्क स्कोरिंग सिस्टम लागू किया जाएगा। साथ ही Mulehunter.ai नामक प्लेटफॉर्म के जरिए बैंकों के बीच संदिग्ध खातों की जानकारी साझा की जाएगी। गुजरात पुलिस का यह अभियान साइबर अपराध के खिलाफ तकनीक, डेटा विश्लेषण और संस्थागत सहयोग का एक सफल उदाहरण माना जा रहा है, जिसे देशभर में एक प्रभावी मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।