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सरकारी इमारतों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा, 500 नई यूनिट्स तैयार ...
June 2, 2026 Source: Indivox News
दिल्ली जल संकट और भूजल स्तर में गिरावट को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने मॉनसून से पहले एक बड़ा वर्षा जल संचयन अभियान शुरू किया है। इस अभियान का उद्देश्य बारिश के पानी का अधिकतम संग्रह कर भूजल पुनर्भरण को बढ़ाना और पानी की बर्बादी को रोकना है। पहले चरण में सरकारी भवनों में 500 नए रेन वाटर हार्वेस्टिंग (RWH) सिस्टम लगाए जाएंगे, जबकि पहले से स्थापित लेकिन निष्क्रिय पड़े लगभग 1000 सिस्टमों को फिर से सक्रिय किया जाएगा।
यह अभियान दिल्ली के विभिन्न सरकारी विभागों जैसे नगर निगम, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड और शिक्षा निदेशालय सहित सभी संस्थानों में लागू किया जाएगा। दिल्ली जल बोर्ड को इस पूरे अभियान की नोडल एजेंसी बनाया गया है, जो सभी विभागों के साथ समन्वय कर इस योजना को आगे बढ़ाएगा। मौजूदा आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के 9,148 सरकारी भवनों में से लगभग 7,596 भवनों में पहले से ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम मौजूद हैं, लेकिन इनमें से कई सिस्टम समय के साथ रखरखाव की कमी के कारण निष्क्रिय हो गए हैं। अब सरकार का फोकस इन्हें पूरी तरह से सक्रिय और प्रभावी बनाना है।
दिल्ली में वर्ष 2001 से ही 100 वर्ग मीटर या उससे बड़े प्लॉटों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाना अनिवार्य किया गया था, जिसके चलते हजारों संरचनाएं बनीं, लेकिन समय के साथ उनकी स्थिति कमजोर हो गई। इसी समस्या को देखते हुए यह नया अभियान शुरू किया गया है। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि इस परियोजना का शुरुआती खर्च दिल्ली जल बोर्ड वहन करेगा और बाद में संबंधित विभागों से इसकी वसूली की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेंडर प्रक्रिया तुरंत शुरू कर दी गई है और जून 2026 के पहले सप्ताह तक कार्य आवंटित कर दिए जाएंगे। लक्ष्य है कि 30 जून तक पहला चरण पूरा कर लिया जाए, ताकि मॉनसून से पहले तैयारी पूरी हो सके।
इस अभियान को और अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए दिल्ली जल बोर्ड एक ऑनलाइन पोर्टल भी विकसित कर रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की स्थापना, रखरखाव और अनुपालन की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी, जिससे सभी कार्यों की प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और किसी भी तरह की देरी या लापरवाही को तुरंत पहचाना जा सकेगा। इसके अलावा 59 सेवा प्रदाताओं को भी इस योजना से जोड़ा गया है, जो तकनीकी और रखरखाव कार्यों में सहायता करेंगे।
सरकार का मानना है कि जल संरक्षण को केवल एक मौसमी जरूरत नहीं बल्कि एक जन-आंदोलन के रूप में विकसित करना जरूरी है, ताकि हर बूंद पानी को संरक्षित कर भूजल स्तर को बेहतर बनाया जा सके।
इसी बीच, नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) ने भी एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अपने सभी 38 वाटर ATM से मुफ्त पेयजल उपलब्ध कराने की घोषणा की है। पहले इन एटीएम से मामूली शुल्क लिया जाता था, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को राहत मिल सके।