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JEE टॉपर भी परेशान! 12वीं के कम अंकों ने रोकी IIT-NIT की राह ...

June 2, 2026 Source: Indivox News

JEE टॉपर भी परेशान! 12वीं के कम अंकों ने रोकी IIT-NIT की राह  ...
नई दिल्ली: JoSAA Counselling 2026 की प्रक्रिया शुरू होते ही हजारों ऐसे छात्रों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने JEE Main और JEE Advanced में शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन कक्षा 12वीं में अनिवार्य 75% अंक हासिल नहीं कर पाए हैं। अब इन छात्रों की उम्मीदें CBSE की री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं, क्योंकि कुछ अतिरिक्त अंक उन्हें IIT, NIT, IIIT और GFTI जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिला सकते हैं। इस वर्ष कई छात्रों ने JEE परीक्षाओं में उत्कृष्ट रैंक प्राप्त की, लेकिन बोर्ड परीक्षा के नतीजों ने उनकी राह मुश्किल कर दी। खासतौर पर फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स (PCM) विषयों में अपेक्षा से कम अंक मिलने के कारण वे कुल 75% अंकों की पात्रता शर्त पूरी नहीं कर सके। ऐसे में JoSAA काउंसलिंग में भाग लेने के बावजूद उनके सामने प्रवेश को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। वर्तमान नियमों के अनुसार IIT, NIT, IIIT और GFTI में दाखिले के लिए केवल JEE स्कोर पर्याप्त नहीं है। सामान्य वर्ग के छात्रों को 12वीं में कम से कम 75% अंक और SC/ST वर्ग के उम्मीदवारों को 65% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। यह नियम वर्ष 2017 में लागू किया गया था, जब JEE रैंकिंग में 12वीं के अंकों का वेटेज समाप्त कर दिया गया था। छात्रों को उम्मीद इसलिए भी है क्योंकि कोरोना महामारी के दौरान 2021 और 2022 में केंद्र सरकार ने इस नियम में अस्थायी राहत दी थी। इसी आधार पर कई अभिभावक और छात्र 2026 में भी पात्रता शर्तों में छूट की मांग कर रहे हैं। इस बीच CBSE ने री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 75% के करीब पहुंचे छात्र मान रहे हैं कि पुनर्मूल्यांकन के बाद उनके अंक बढ़ सकते हैं। वहीं, कुछ छात्र संगठनों ने ग्रेस मार्क्स देने की भी मांग उठाई है। हालांकि CBSE और शिक्षा मंत्रालय की ओर से अभी तक किसी राहत या नियम में बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। फिलहाल छात्रों को री-इवैल्यूएशन के परिणामों और JoSAA काउंसलिंग की निर्धारित समय-सीमाओं पर नजर बनाए रखनी होगी। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर लिया गया कोई भी फैसला लाखों इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के भविष्य पर असर डाल सकता है।