Thursday, June 11, 2026 English edition
Indi Vox News Indi Vox News

Every Voice Matters

World

अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर शिकंजा, 30 भारतीय ड्राइवर पकड़े गए ....

June 2, 2026 Source: Indivox News

अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर शिकंजा, 30 भारतीय ड्राइवर पकड़े गए ....
अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 30 भारतीय ट्रक ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। अमेरिकी प्रशासन अब इन सभी को उनके देश वापस भेजने की तैयारी कर रहा है। ये सभी भारतीय विभिन्न राज्यों में कमर्शियल ट्रक ड्राइवर के रूप में काम कर रहे थे। कार्रवाई अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBP) द्वारा चलाए गए विशेष अभियान "ऑपरेशन चेकमेट" के तहत की गई। सीबीपी के अनुसार, 11 से 15 मई के बीच एरिजोना के युमा सेक्टर में कुल 52 अवैध प्रवासियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें 36 लोग कमर्शियल वाहन चलाते हुए पाए गए। गिरफ्तार ट्रक चालकों में 30 भारतीय नागरिक हैं, जबकि अन्य मेक्सिको, अल सल्वाडोर और रूस के निवासी बताए गए हैं। जांच के दौरान अधिकारियों को कई राज्यों जैसे कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और वर्जीनिया के कमर्शियल ड्राइविंग लाइसेंस मिले। हालांकि कुछ लोगों के पास कोई वैध ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। अधिकारियों का कहना है कि कई गिरफ्तार व्यक्तियों के पास ऐसे रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज थे, जो पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में जारी किए गए थे, लेकिन अब उनकी वैधता समाप्त हो चुकी है। अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि अवैध रूप से रहकर कमर्शियल वाहन चलाने वाले लोग सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। युमा सेक्टर के कार्यवाहक मुख्य गश्त एजेंट डस्टिन कॉडल ने कहा कि यह अभियान सड़कों और समुदायों को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले प्रशासन ने विदेशी ड्राइवरों के लिए नियम और सख्त कर दिए हैं। परिवहन विभाग ने ऐसे अयोग्य विदेशी नागरिकों को कमर्शियल ट्रक और बस चलाने के लिए लाइसेंस प्राप्त करने से रोकने के निर्देश जारी किए हैं। हाल के महीनों में भारतीय मूल के कुछ ट्रक चालकों पर सड़क दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर मामलों में कार्रवाई भी हुई है। ऐसे में प्रशासन आव्रजन और परिवहन नियमों को सख्ती से लागू करने पर जोर दे रहा है। गिरफ्तार सभी लोगों के खिलाफ संघीय कानूनों के तहत कार्रवाई की जा रही है और जल्द ही उन्हें अमेरिका से निर्वासित किए जाने की संभावना है।