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World Environment Day: पौधारोपण से राशि और नवग्रह के अनुसार मिलती है सकारात्मक शक्ति ...
June 5, 2026 Source: Indivox News
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सनातन परंपरा में वृक्षों और पौधों को केवल पर्यावरण का हिस्सा नहीं, बल्कि दिव्य ऊर्जा का स्रोत माना गया है। मान्यता है कि हर राशि, नवग्रह और देवी-देवताओं से विशेष पौधे जुड़े हुए हैं, जिनका रोपण जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और शुभ फलों को आकर्षित करता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विभिन्न ग्रहों का संबंध विशिष्ट वृक्षों और पौधों से होता है। सूर्य ग्रह को मजबूत करने के लिए मदार और गुड़हल का पौधा लगाना शुभ माना जाता है, जिससे सम्मान और स्वास्थ्य लाभ की प्राप्ति होती है। चंद्रमा के लिए चमेली और सफेद पुष्प मानसिक शांति प्रदान करते हैं। मंगल ग्रह के लिए अनार, खजूर और चंपा के पौधे साहस और ऊर्जा बढ़ाने वाले माने जाते हैं।
बुध ग्रह के लिए तुलसी, वच और दूर्वा को शुभ माना गया है, जो बुद्धि और वाणी को मजबूत करते हैं। गुरु ग्रह के लिए पीपल और केले का वृक्ष ज्ञान और समृद्धि का प्रतीक है। शुक्र ग्रह के लिए सुगंधित फूल प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुख बढ़ाने वाले माने जाते हैं। वहीं राहु के लिए दूर्वा तथा केतु के लिए कुश और अश्वगंधा का पौधा आध्यात्मिक उन्नति और नकारात्मक प्रभावों से रक्षा करता है।
राशियों के अनुसार भी पौधों का विशेष महत्व बताया गया है, जैसे मेष के लिए आंवला, वृषभ के लिए गूलर, सिंह के लिए बरगद, कन्या के लिए चमेली, तुला के लिए अर्जुन और मीन के लिए पीपल शुभ माना जाता है।
इसके अलावा प्रमुख देवताओं से भी वृक्षों का संबंध बताया गया है—भगवान शिव के लिए बेलपत्र, विष्णु के लिए पीपल, गणेश के लिए शमी, कृष्ण के लिए कदंब, लक्ष्मी के लिए कमल और हनुमान जी के लिए चमेली का पौधा विशेष माना गया है।
इस प्रकार, पर्यावरण दिवस पर पौधारोपण न केवल प्रकृति संरक्षण है, बल्कि आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी माना जाता है।