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डीके शिवकुमार कैबिनेट में दरार: मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने 2 दिन में दिया इस्तीफा ...
June 5, 2026 Source: Indivox News
कर्नाटक की नई सरकार, जो मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व में बनी है, उसके गठन के मात्र 48 घंटे के भीतर ही राजनीतिक हलचल देखने को मिली। विभागों के बंटवारे के बाद ही कांग्रेस सरकार के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया, जब वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
दरअसल, गुरुवार रात को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपने 13 मंत्रियों के बीच विभागों का बंटवारा किया था। इस फेरबदल में कई अहम विभाग अपने पास रखे गए, जिनमें वित्त, कैबिनेट मामलों, कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार और खुफिया विभाग शामिल हैं। इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे को गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई। वहीं रामलिंगा रेड्डी को जल संसाधन विभाग सौंपा गया।
रामलिंगा रेड्डी इससे संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि वे बेंगलुरु विकास विभाग की जिम्मेदारी चाहते थे। उन्होंने अपनी नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रेड्डी ने कहा कि डीके शिवकुमार ने पहले उनसे वादा किया था कि यदि वे मुख्यमंत्री बनते हैं तो बेंगलुरु विकास विभाग उन्हें दिया जाएगा।
रेड्डी के अनुसार, शपथ ग्रहण से एक दिन पहले भी उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई थी, जिसमें उन्हें दोबारा भरोसा दिलाया गया था कि वही विभाग उन्हें मिलेगा। लेकिन जब अंतिम रूप से विभागों का बंटवारा हुआ, तो वह वादा पूरा नहीं किया गया। इसी कारण उन्होंने मंत्री पद छोड़ने का निर्णय लिया।
हालांकि, रामलिंगा रेड्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस्तीफा केवल मंत्री पद से है, वे कांग्रेस पार्टी से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा कि वे पिछले 53 वर्षों से पार्टी से जुड़े हैं और कई मुख्यमंत्रियों के साथ काम कर चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कभी किसी पद की मांग नहीं की, लेकिन इस बार उन्हें दिए गए आश्वासन के विपरीत निर्णय लिया गया, जिससे वे आहत हुए हैं।