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बांग्लादेश में भारतीय दूत के बयान पर विवाद गहराया, जमात ने की सफाई की मांग...

June 15, 2026 Source: Indivox News

बांग्लादेश में भारतीय दूत के बयान पर विवाद गहराया, जमात ने की सफाई की मांग...
भारत के नव-नियुक्त उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी के एक बयान को लेकर बांग्लादेश में राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। उन्होंने बांग्लादेश पहुंचने के बाद कहा था कि भारत और बांग्लादेश “अलग-अलग रहकर मजबूत नहीं बन सकते” और उन्हें वहां ऐसा महसूस नहीं हुआ कि वे किसी दूसरे देश में आए हैं। उनके इस बयान के बाद बांग्लादेश की प्रमुख इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी ने कड़ी आपत्ति जताई है। जमात-ए-इस्लामी के नेता शफीकुर रहमान ने कहा कि भारत और बांग्लादेश दोनों स्वतंत्र और संप्रभु देश हैं, इसलिए किसी भी बयान की स्पष्ट व्याख्या जरूरी है। उन्होंने मांग की कि बांग्लादेश सरकार भारतीय उच्चायुक्त से इस टिप्पणी पर स्पष्टीकरण ले। पार्टी का कहना है कि अगर इस बयान का मतलब दोनों देशों के राजनीतिक एकीकरण से है, तो यह पूरी तरह से आपत्तिजनक है और इससे जनता के बीच गलत संदेश जा सकता है। दिनेश त्रिवेदी ने भारत-बांग्लादेश संबंधों पर जोर देते हुए सहयोग की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों की बड़ी आबादी और साझा चुनौतियों को देखते हुए आपसी सहयोग से ही क्षेत्र में मजबूती आ सकती है। उनके इस बयान को ही विवाद का कारण माना जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि दिनेश त्रिवेदी 1971 में बांग्लादेश बनने के बाद इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले ऐसे भारतीय उच्चायुक्त हैं, जिनका संबंध विदेश सेवा (IFS) से नहीं बल्कि राजनीतिक पृष्ठभूमि से है। इससे पहले यह जिम्मेदारी आमतौर पर करियर डिप्लोमैट्स को दी जाती रही है। इस पूरे विवाद के बीच बांग्लादेश की राजनीति में जमात-ए-इस्लामी की भूमिका भी चर्चा में है। हाल के चुनावों में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया और अब वह अपनी छवि को अधिक व्यावहारिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय बनाने की कोशिश कर रही है। फिलहाल भारत सरकार की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन इस टिप्पणी ने दोनों देशों के रिश्तों और बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति में नई बहस जरूर छेड़ दी है।