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ऋतब्रत की नियुक्ति पर उठे सवाल, कलकत्ता हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष से मांगा जवाब...
June 17, 2026 Source: Indivox News
यह खबर पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद से जुड़ी है, जिस पर अब कलकत्ता हाईकोर्ट ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अदालत ने विधानसभा अध्यक्ष की भूमिका और उनकी निर्णय प्रक्रिया पर स्पष्टीकरण मांगा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति को लेकर चल रहा विवाद अब कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए। जस्टिस कृष्ण राव ने पूछा कि यदि किसी एक राजनीतिक दल की ओर से नेता प्रतिपक्ष के लिए दो अलग-अलग प्रस्ताव भेजे जाएं, तो ऐसी स्थिति में विधानसभा अध्यक्ष को किस प्रक्रिया का पालन करना चाहिए और क्या वह संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर दिए बिना स्वयं फैसला कर सकते हैं।
यह मामला शोभनदेव चट्टोपाध्याय की याचिका के बाद अदालत के सामने आया है। उन्होंने अपने नाम को खारिज किए जाने और पार्टी के ही दूसरे विधायक ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष नियुक्त किए जाने को चुनौती दी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष को सबसे बड़े विपक्षी दल से प्राप्त प्रस्ताव पर कार्रवाई करने का अधिकार है, लेकिन किसी विवाद की स्थिति में उन्हें कानून के दायरे में रहकर उचित प्रक्रिया अपनानी होगी।
दरअसल, तृणमूल कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष के लिए दो अलग-अलग नाम भेजे गए थे। एक प्रस्ताव पार्टी नेतृत्व की तरफ से और दूसरा बागी विधायकों के समूह की ओर से भेजा गया था। विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु ने बागी गुट द्वारा भेजे गए ऋतब्रत बनर्जी के नाम को स्वीकार कर लिया, जिसके बाद यह विवाद अदालत तक पहुंच गया।
हाईकोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या ऐसे मामलों में दोनों पक्षों को सुनना जरूरी नहीं है और क्या अध्यक्ष बिना किसी सुनवाई के स्वतः निर्णय ले सकते हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी और सभी पक्षों की दलीलों पर विचार किया जाएगा।