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उद्धव ठाकरे की पार्टी में टूट पर बोले ओवैसी, ‘हर नाकामी का दोष एक शख्स पर नहीं मढ़ सकते’
June 18, 2026 Source: Indivox News
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को बड़ा झटका लगा है, क्योंकि पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 सांसदों ने अलग रास्ता चुनते हुए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट का समर्थन करने का फैसला किया है। इन सांसदों ने शिंदे गुट में विलय के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भी सौंप दिया है।
इस घटनाक्रम के बाद एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “शिकारी नया है, जाल पुराना है।” ओवैसी ने सवाल उठाया कि आखिर बड़ी संख्या में नेता भाजपा की ओर क्यों जा रहे हैं और इसके लिए किसी एक व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हर राजनीतिक विफलता का दोष किसी एक खास सांसद पर मढ़ना सही नहीं है।
बागी सांसदों में संजय जाधव, संजय देशमुख, नागेश पाटिल अष्टिकर, ओमराजे निंबालकर, भाऊसाहेब वाकचौरे और संजय दीना पाटिल शामिल हैं। इन छह सांसदों के अलग होने के बाद अब उद्धव ठाकरे की पार्टी के पास लोकसभा में सिर्फ तीन सांसद बचे हैं।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब शिवसेना में विभाजन हुआ है। जून 2022 में भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में 40 विधायकों ने बगावत कर दी थी, जिसके बाद उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में भाजपा के समर्थन से एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने थे।