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तीस्ता नदी पर चीन को मिला बांग्लादेश का साथ, रणनीतिक समीकरण बदले

June 26, 2026 Source: Indivox News

तीस्ता नदी पर चीन को मिला बांग्लादेश का साथ, रणनीतिक समीकरण बदले
चीन और बांग्लादेश के बीच तीस्ता नदी परियोजना को लेकर सहयोग का नया अध्याय शुरू हो गया है। दोनों देशों ने तीस्ता समेत अन्य नदियों के जल प्रबंधन और विकास कार्यों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है। यह फैसला बीजिंग में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और चीन के जल संसाधन मंत्री ली गुओयिंग के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लिया गया। इस दौरान बांग्लादेश ने तीस्ता परियोजना के लिए चीन से आधुनिक तकनीक और वित्तीय सहायता भी मांगी। प्रधानमंत्री बनने के बाद तारिक रहमान का यह पहला आधिकारिक चीन दौरा है। इस समझौते को दक्षिण एशिया की राजनीति और क्षेत्रीय रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि तीस्ता नदी परियोजना भारत के संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर, जिसे 'चिकन नेक' भी कहा जाता है, के नजदीक स्थित है। ऐसे में चीन की बढ़ती भागीदारी भारत की सुरक्षा और रणनीतिक चिंताओं को बढ़ा सकती है। चीन लंबे समय से तीस्ता रिवर कॉम्प्रिहेंसिव मैनेजमेंट एंड रिस्टोरेशन प्रोजेक्ट में रुचि दिखाता रहा है। अब दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते से परियोजना को गति मिलने की संभावना है। बांग्लादेशी सरकारी मीडिया के अनुसार, दोनों पक्षों ने नदी प्रबंधन, जल संसाधनों के बेहतर उपयोग और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनाई है। तीस्ता नदी पूर्वी हिमालय से निकलकर सिक्किम और पश्चिम बंगाल होते हुए बांग्लादेश पहुंचती है। बांग्लादेश में यह नदी लाखों लोगों की सिंचाई और आजीविका का प्रमुख आधार है। वहीं, इस परियोजना में चीन की सक्रिय भूमिका भारत-बांग्लादेश संबंधों और पूरे क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति पर भी असर डाल सकती है।