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मराठी पढ़ाना हुआ अनिवार्य, नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर होगी कार्रवाई
June 30, 2026 Source: Indivox News
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी शिक्षा बोर्डों से संबद्ध स्कूलों में कक्षा 1 से 10 तक मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले की घोषणा राज्य के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार मराठी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस नियम का उल्लंघन करने वाले स्कूलों तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्यभर में इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। यदि किसी स्कूल में मराठी भाषा अनिवार्य रूप से नहीं पढ़ाई जा रही है, तो संबंधित संस्थान और जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
यह मुद्दा विधानसभा में भाजपा विधायक अतुल भातखलकर द्वारा उठाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के कई स्कूलों में मराठी भाषा की पढ़ाई नहीं कराई जा रही है। इस पर अन्य विधायकों ने भी चिंता जताई और सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की।
जवाब में दादा भुसे ने कहा कि सरकार इस विषय को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण अभियान के माध्यम से ऐसे सभी स्कूलों की जांच की जाएगी जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य केवल मराठी भाषा को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को राज्य की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और छत्रपति शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास से भी जोड़ना है।
सरकार का मानना है कि मराठी भाषा का अनिवार्य अध्ययन विद्यार्थियों में अपनी मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और जुड़ाव को और मजबूत करेगा।