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स्टाम्प ड्यूटी चोरी पर शिकंजा, CM रेखा गुप्ता ने GPA मामलों में जांच के दिए आदेश
July 9, 2026 Source: Indivox News
दिल्ली सरकार ने प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने और स्टाम्प ड्यूटी चोरी पर रोक लगाने के लिए जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) से जुड़े नियमों को और सख्त कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने निर्देश जारी किए हैं कि अब माता-पिता, पति-पत्नी, बेटे, बेटी, भाई और बहन जैसे खून के रिश्तों को छोड़कर किसी अन्य व्यक्ति के पक्ष में बनाई गई हर GPA का रजिस्ट्रेशन सीधे नहीं होगा। ऐसे सभी मामलों को पहले संबंधित स्टाम्प कलेक्टर के पास जांच के लिए भेजा जाएगा।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि GPA का इस्तेमाल संपत्ति की वास्तविक बिक्री को छिपाने या स्टाम्प ड्यूटी से बचने के लिए न किया जाए। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि दस्तावेज में धन के लेन-देन, संपत्ति का कब्जा सौंपने, अपरिवर्तनीय (Irrevocable) अधिकार देने या संपत्ति को बेचने, ट्रांसफर करने, गिफ्ट करने अथवा गिरवी रखने जैसी शर्तें तो शामिल नहीं हैं। यदि ऐसा पाया जाता है, तो संबंधित दस्तावेज पर सेल डीड या कन्वेयंस डीड के बराबर स्टाम्प ड्यूटी लागू की जा सकती है।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि स्टाम्प कलेक्टर प्रत्येक मामले में 30 दिनों के भीतर लिखित और तर्कसंगत फैसला सुनाएंगे। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि अधिकतम तीन महीने तक बढ़ाई जा सकती है। जब तक जांच पूरी नहीं होगी और निर्धारित स्टाम्प ड्यूटी जमा नहीं होगी, तब तक ऐसे GPA दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन नहीं किया जाएगा।
सरकार ने सब-रजिस्ट्रारों की जवाबदेही भी तय की है। यदि कोई अधिकारी नियमों का उल्लंघन कर ऐसे दस्तावेजों का पंजीकरण करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। साथ ही सभी कार्यालयों में ऐसे मामलों का अलग रिकॉर्ड रखा जाएगा, हर महीने रिपोर्ट भेजी जाएगी और एक महीने के भीतर ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम भी शुरू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इन कदमों से फर्जीवाड़े, लैंड माफिया की गतिविधियों और राजस्व नुकसान पर प्रभावी रोक लगेगी।