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सावरकर को भारत रत्न देने में देरी क्यों? विधानसभा में मुनगंटीवार ने सरकार को घेरा
July 10, 2026 Source: Indivox News
सावरकर को भारत रत्न देने में देरी पर अपनी ही सरकार से नाराज़ दिखे भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन सरकार के रवैये पर खुलकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वीर विनायक दामोदर सावरकर को मरणोपरांत भारत रत्न देने का प्रस्ताव मार्च 2026 में विधानसभा में पेश किया गया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी इसे सदन के सामने नहीं लाया गया। उन्होंने याद दिलाया कि विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने पहले इस प्रस्ताव पर कार्रवाई का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति दिखाई नहीं दी।
मुनगंटीवार ने सरकार की कार्यशैली के साथ-साथ उसकी वैचारिक प्रतिबद्धता पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यदि सत्ता में आने के बाद सरकार की विचारधारा बदल गई है, तो यह बात जनता के सामने साफ-साफ रखी जानी चाहिए। उनका कहना था कि किसी भी राजनीतिक दल को सत्ता में आने के बाद अपने मूल विचारों से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि सरकार के मौजूदा कदम उसके घोषित वैचारिक रुख से मेल नहीं खाते।
भाजपा विधायक ने यह भी कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वीर सावरकर ने अंग्रेजों की जेलों में अमानवीय यातनाएं झेलीं और ऐसे स्वतंत्रता सेनानी के सम्मान में एक प्रस्ताव पारित करने में भी इतनी देरी होना उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक फाइल को आगे बढ़ाने में इतना लंबा समय क्यों लग रहा है, जबकि दो विधानसभा सत्र गुजर चुके हैं।
मुनगंटीवार ने अपनी ही सरकार की निष्क्रियता पर निराशा जताते हुए कहा कि सावरकर की विचारधारा से जुड़े कार्यकर्ता होने के नाते उन्हें इस स्थिति से गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब इस मुद्दे को दोबारा नहीं उठाएंगे। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने सदन को बताया कि सरकार की ओर से इस मामले में प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई है और अगले विधानसभा सत्र में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी इस प्रस्ताव पर विचार करेगी।