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PM मोदी वीडियो विवाद: संसदीय समिति की फटकार के बाद Meta बैकफुट पर
August 6, 2026 Source: Indivox News
Mark Zuckerberg Apologizes to PM Modi: मेटा सीईओ (Meta CEO) मार्क जुकरबर्ग ने पीएम मोदी से माफी मांग ली है। फेसबुक से पीएम मोदी का वीडियो हटाने का मामले में मेटा सीईओ ने कहा कि ‘SORRY’. हमसे गलती हुई है। साथ ही जुकरबर्ग ने माना कि मेटा CSAM कंटेंट (बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री), डीपफेक कंटेंट और प्लेटफार्म को चलाने से रोकने में कामयाब नहीं हो पाई है। मार्क जुकरबर्ग ने माना है कि कुछ खास तरह के कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए काफी पैसे दिए गए थे। उन्होंने इस गलती के लिए माफी मांगी और अफसोस जताया है।
बता दें कि फेसबुक से पीएम मोदी का वीडियो हटाने को लेकर निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने मार्क जुकरबर्ग को तीन दिन के भीतर माफी मांगने का अल्टीमेटम दिया था। माफी नहीं मांगने पर ‘सेफ हार्बर क्लॉज’ (Safe Harbor Clause) खत्म करने की चेतावनी दी थी इससे अधिकारियों पर सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज हो सकते थे।
संसदीय समिति की चेतावनी के चंद घंटे के अंदर मेटा भारत के सामने घुटनों के बल आ गया। इसके बाद मेटा सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने पीएम मोदी का फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के मामले में भारत सरकार से माफी मांगी। इससे पहले मेटा के दिग्गज अधिकारी चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान दिल्ली पहुंचे थे और उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की थी। यह बैठक लगभग 45 मिनट तक चली, जिसके दौरान मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी के वीडियो को गलती से हटाए जाने के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया था।
बैठक में Meta ने स्वीकार किया कि कुछ खास तरह के कंटेंट को प्रमोट करने के लिए बड़ी रकम खर्च की गई। इस वजह से प्लेटफॉर्म पर अवैध कंटेंट भी प्रमोट हुआ। हालांकि, सूत्रों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस तरह के कंटेंट की बात की गई।बैठक में सरकार ने Meta से CSAM, डीपफेक, वेरिफाइड अकाउंट्स की सुरक्षा, एल्गोरिद्मिक पक्षपात (Algorithmic Bias) और भारतीय कानूनों के पालन को लेकर भी जवाब मांगा। सूत्रों ने कहा कि इन मुद्दों पर आगे भी Meta के अधिकारियों को फिर बुलाया जाएगा।
संसदीय समिति ने दी थी फाइनल वॉर्निंग
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली इस समिति ने कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो डिलीट करना लोकतंत्र पर सीधे हमले जैसा है। समिति ने मांग की है कि मार्क जुकरबर्ग इस मामले पर तुरंत माफी मांगें और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करें। साथ कहा कि ऐसा न करने पर सरकार फेसबुक का सेफ हार्बर क्लॉज खत्म कर सकती है। इससे प्लेटफॉर्म के अधिकारियों पर सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज हो सकेंगे। साथ ही समिति ने चेतावनी दी है कि गूगल, यूट्यूब, एक्स, फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सभी प्लेटफॉर्म तीन दिनों के भीतर बाल यौन शोषण (Child Sexual Exploitative and Abuse Material) और महिलाओं से जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री को हटाएं, वरना सख्त कार्रवाई होगी
PM मोदी का वीडियो हटाने के बाद मचा था बवाल
बता दें कि नीट पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने कई मांगों को लेकर दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। युवाओं के गुस्से को देखते हुए को लेकर पेपर लीक कानून बनाने को लेकर पीएम मोदी ने वीडियो संदेश जारी किया था। प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए ये वीडियो संदेश सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्मस पर जारी किया था। वहीं वीडियो संदेश को फेसबुक से कुछ घंटे के लिए हटा दिया गया था। इसके बाद बवाल मच गया था। साथ ही पीएम मोदी के डिपपेक वीडियो वायरल हुए थे। इसके बादकेंद्र सरकार ने कंपनी के अधिकारियों को तलब भी किया था।