Tuesday, September 8, 2026 English edition
Indi Vox News Indi Vox News

Every Voice Matters

India

भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार को मिला पक्का आवास और नियमित आर्थिक सहायता

September 8, 2026 Source: Indivox News

भूमिहीन कृषि मजदूर परिवार को मिला पक्का आवास और नियमित आर्थिक सहायता
रायपुर, 08 सितंबर 2026/ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम छोर पर खड़े परिवारों के जीवन में आर्थिक सुरक्षा और स्थायित्व का आधार बन रही हैं। योजनाओं का प्रभाव तब और अधिक सार्थक दिखाई देता है, जब एक परिवार को आजीविका के साथ आवास और सामाजिक सुरक्षा का लाभ एक साथ मिलता है। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पतरापारा निवासी शंभू बारी का परिवार इसका उदाहरण है। भूमिहीन कृषि मजदूर शंभू बारी को दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के तहत प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। सीमित आय और अनिश्चित रोजगार के बीच मिलने वाली यह सहायता परिवार के लिए जरूरत के समय महत्वपूर्ण सहारा बनी है। शंभू बारी बताते हैं कि इस राशि का उपयोग वे घरेलू जरूरतों, बीमारी के समय उपचार और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा करने में करते हैं। *भूमिहीन परिवार को मिला पक्के आवास का सहारा* शंभू बारी का परिवार लंबे समय तक स्वयं के पक्के मकान के अभाव में कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन करता रहा। शासन की पहल से उन्हें भूमि उपलब्ध कराई गई और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत पक्का आवास भी मिला। अब उनका परिवार अपने सुरक्षित और पक्के घर में रह रहा है। उनके लिए यह केवल एक मकान नहीं, बल्कि वर्षों से देखे जा रहे सुरक्षित आशियाने के सपने का साकार रूप है। *महतारी वंदन योजना से परिवार की महिलाओं को आर्थिक संबल* परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महतारी वंदन योजना भी सहायक बन रही है। शंभू बारी की पत्नी को योजना के अंतर्गत प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त हो रही है। नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि घरेलू जरूरतों और छोटे-छोटे खर्चों को पूरा करने में उपयोगी साबित हो रही है। *कई योजनाओं का लाभ बना मजबूत जीवन का आधार* शंभू बारी कहते हैं कि अलग-अलग योजनाओं से मिले लाभ ने उनके परिवार की परिस्थितियों में सकारात्मक बदलाव लाया है। भूमिहीन कृषि मजदूर के रूप में मिलने वाली वार्षिक आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर और पत्नी को मिल रही महतारी वंदन योजना की राशि ने परिवार को आर्थिक सहारा देने के साथ भविष्य के प्रति भरोसा भी बढ़ाया है। शंभू बारी ने कहा, “दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना से हमें साल में 10 हजार रुपये मिलते हैं। यह राशि हमारे जरूरी कामों में बहुत मदद करती है। प्रधानमंत्री आवास योजना से हमें पक्का घर मिला है और मेरी पत्नी को महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मिल रहे हैं। इन योजनाओं से हमारे परिवार को बहुत सहारा मिला है।” शंभू बारी ने इन जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं ने उनके जैसे जरूरतमंद परिवारों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दी, बल्कि पक्के आवास और सम्मानजनक जीवन की मजबूत नींव भी प्रदान की है। शंभू बारी के परिवार की कहानी यह दर्शाती है कि जब शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचता है, तो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव की राह खुलती है। भूमिहीन परिवार को आर्थिक सहायता के साथ पक्का आवास और महिला सदस्य को नियमित आर्थिक सहयोग मिलना, समावेशी और संवेदनशील शासन व्यवस्था की सार्थक तस्वीर प्रस्तुत करता है।