Thursday, September 17, 2026 English edition
Indi Vox News Indi Vox News

Every Voice Matters

India

PNC इंफ्राटेक पर NHAI की बड़ी कार्रवाई, नए प्रोजेक्ट्स में बोली पर रोक

September 17, 2026 Source: Indivox News

PNC इंफ्राटेक पर NHAI की बड़ी कार्रवाई, नए प्रोजेक्ट्स में बोली पर रोक
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी पर NHAI ने कड़ी कार्रवाई की है. NHAI ने PNC इंफ्राटेक को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित करते हुए उसे 3 साल के लिए सभी परियोजनाओं से प्रतिबंधित कर दिया है. इसके साथ ही NHAI ने एक तकनीकी कमेटी बनाई है जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है. लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाने में लापरवाही और खराब क्वालिटी का खुलासा होने के बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने सख्त कदम उठाया है. NHAI ने एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी 'PNC इंफ्राटेक' को 'नॉन-परफॉर्मर' घोषित कर दिया है. इसके साथ ही कंपनी को 3 साल के लिए NHAI की सभी परियोजनाओं से देबार (प्रतिबंधित) कर दिया गया है. NHAI ने एक टेक्निकल कमेटी बनाई है जो इस पूरे मामले की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ ही समय बाद सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया था. कई जगहों पर सड़क की ऊपरी सतह खिसकने और बड़ी-बड़ी दरारें आने की शिकायतें सामने आ रही थीं. टेक्निकल कमेटी कर रही खामियों की जांच लाखों रुपये की लागत से बने इस हाई-स्पीड कॉरिडोर की ऐसी हालत देखकर सवाल उठने लगे थे. ऐसे में NHAI ने मामले की जांच के लिए एक टेक्निकल कमिटी बनाई थी. ये कमिटी एक्सप्रेसवे के निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, डिजाइन और इंजीनियरिंग खामियों की जांच कर रही है. कई इंजीनियरों पर गिरी गाज इससे पहले NHAI ने पीएनसी इंफ्राटेक पर 2 प्रतिशत का जुर्माना लगाते हुए उसे नॉन-परफॉर्मर घोषित करने की सिफारिश की थी. इसके साथ ही लापरवाही के चलते स्वतंत्र इंजीनियर कंपनी 'थीम इंजीनियरिंग सर्विसेज' को भी डिबार का नोटिस भेजा गया था. देखरेख और निर्माण में चूक के कारण पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर विवेक गुप्ता, रेजिडेंट इंजीनियर यतेंद्र कुमार और इंडिपेंडेंट इंजीनियर्स के टीम लीडर सुरेंद्र कुमार को तुरंत पदमुक्त कर दिया गया है. इन तीनों अधिकारियों पर NHAI, MoRTH और NHIDCL की किसी भी परियोजना में अगले दो सालों तक काम करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई थी. इसके अलावा NHAI ने प्रोजेक्ट डायरेक्टर नकुल प्रकाश वर्मा को भी उनके पद से हटा दिया था, जबकि पूर्व प्रोजेक्ट डायरेक्टर सौरभ चौरसिया को कारण बताओ नोटिस (चार्जशीट) भेजा था.