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IIT बॉम्बे ने बनाई 10 सदस्यीय जांच समिति, साहिल केस में डूला से भी हो सकती है पूछताछ
September 24, 2026 Source: Indivox News
IIT बॉम्बे ने साहिल वाकोडे की मौत पर अपने पहले के बयान पर माफी मांगते हुए यू-टर्न लिया है और कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना गलत था. साहिल 18 सितंबर को हॉस्टल में मृत मिला था, कुछ घंटे पहले उसे परीक्षा में चैटजीपीटी इस्तेमाल करते पकड़ा गया था
साहिल वाकोडे की मौत मामले में IIT बॉम्बे ने बड़ा यू-टर्न लिया है. संस्थान ने 21 सितंबर के अपने पुराने बयान को फिर से शेयर करते हुए माफी मांगी है. IIT बॉम्बे ने कहा कि जांच पूरी हुए बिना घटना से जुड़ी बातों को इस तरह बताना ठीक नहीं था. यानी संस्थान ने अपने पहले के बयान से पीछे हटते हुए यह स्वीकार किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी नतीजे पर पहुंचना गलत था.
यह पूरा मामला IIT बॉम्बे के बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की मौत से जुड़ा है. साहिल 18 सितंबर की शाम को अपने हॉस्टल के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला था. बताया जा रहा है कि इससे कुछ घंटे पहले परीक्षा के दौरान उसे मोबाइल फोन पर चैटजीपीटी के इस्तेमाल के आरोप में पकड़ा गया था. इस घटना के बाद परीक्षा हॉल का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक प्रोफेसर साहिल को हॉल से बाहर ले जाते हुए दिख रहे हैं. हालांकि मामले की जांच कर रही मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस वायरल फुटेज पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
साहिल के पिता रवींद्र ने साफ कहा है कि अगर एफआईआर में नामजद IIT बॉम्बे के अधिकारियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वे भूख हड़ताल शुरू कर देंगे. एफआईआर में आत्महत्या के लिए उकसाने और जातिगत भेदभाव के आरोप लगे हैं, जिसमें फैकल्टी सदस्य सूर्यनारायण डूला का नाम है. निष्पक्ष जांच के लिए डूला को छुट्टी पर भेज दिया गया है. वहीं बुधवार को IIT बॉम्बे ने इस पूरे मामले की जांच के लिए 10 सदस्यों वाली एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है, जो डूला से भी पूछताछ कर सकती है.
राजनीतिक हलकों में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है. MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि जाति सत्ता की राजनीति करने वालों का पसंदीदा विषय है और छात्रों को इसमें नहीं उलझना चाहिए. उन्होंने कहा कि साहिल की मौत शिक्षा व्यवस्था की खामियों की वजह से हुई है. दूसरी ओर ABVP ने मांग की है कि मामले की पूरी जांच हो और जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए. मुंबई पुलिस ने लोगों और मीडिया से अपील की है कि वे अटकलें लगाने या भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें.