Tuesday, September 29, 2026 English edition
Indi Vox News Indi Vox News

Every Voice Matters

Development

मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करेगा बस्तर, सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर

September 29, 2026 Source: Indivox News

मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करेगा बस्तर, सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर
मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करेगा बस्तर, सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर
मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करेगा बस्तर, सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर
रायपुर, 28 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और गौरवशाली विरासत के प्रतीक बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शामिल होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निमंत्रण पर राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने 23 अक्टूबर 2026 को जगदलपुर में आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का निमंत्रण पत्र सौंपने के अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री तोखन साहू, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, बस्तर लोकसभा सांसद श्री महेश कश्यप तथा संस्कृति एवं पर्यटन विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन उपस्थित रहे। *राष्ट्रपति की उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक विरासत के लिए गौरव का अवसर* मां दंतेश्वरी को समर्पित बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट जनजातीय परंपराओं, लोक आस्था और सामुदायिक सहभागिता के लिए देशभर में अपनी अलग पहचान रखता है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने फरवरी 2026 में जगदलपुर में आयोजित बस्तर पंडुम के अवसर पर बस्तर दशहरा को जनजातीय संस्कृति और भाईचारे को अनूठा उदाहरण बताया था। उन्होंने बस्तर की प्राचीन परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित करते हुए विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने की आवश्यकता पर भी जोर दिया था। ऐसे में बस्तर दशहरा के मुरिया दरबार में राष्ट्रपति की प्रस्तावित उपस्थिति बस्तर की सांस्कृतिक पहचान, जनजातीय परंपराओं और लोक विरासत के लिए विशेष गौरव का अवसर होगी। *मुरिया दरबार बस्तर की जीवंत सामाजिक परंपरा* बस्तर दशहरा की परंपराओं में मुरिया दरबार का विशेष महत्व है। यह आयोजन बस्तर की सामाजिक एवं सामुदायिक व्यवस्था की जीवंत अभिव्यक्ति है। मुरिया दरबार के माध्यम से बस्तर की परंपराओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक प्रमुखों और स्थानीय समुदाय के बीच संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाया जाता है। बस्तर की संस्कृति और सामाजिक जीवन में मांझी एवं चालकी जैसे पारंपरिक पदों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी मांझी और चालकी की सामाजिक जीवन तथा सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया था। संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की ऐसी गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा है, जिसकी पहचान केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश और दुनिया में है। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति बस्तर की जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के लिए अत्यंत गौरव का अवसर है। उन्होंने कहा कि बस्तर की संस्कृति यहां के जनजीवन, लोक आस्था, कला, परंपराओं और प्रकृति से गहराई से जुड़ी हुई है। राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु की उपस्थिति से बस्तर की इस समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर और व्यापक पहचान मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि बस्तर की परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए पर्यटन के माध्यम से स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसरों का विस्तार किया जाए। श्री अग्रवाल ने कहा कि बस्तर दशहरा हमारी सांस्कृतिक विविधता और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत उदाहरण है। 23 अक्टूबर को मुरिया दरबार में राष्ट्रपति का स्वागत करना पूरे बस्तर और छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण होगा। *बस्तर की संस्कृति से राष्ट्रपति का विशेष जुड़ाव* महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का बस्तर की संस्कृति और जनजातीय विरासत से विशेष जुड़ाव रहा है। फरवरी 2026 में उन्होंने जगदलपुर में बस्तर पंडुम का उद्घाटन किया था। अपने संबोधन में उन्होंने बस्तर की प्राचीन संस्कृति, प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों और गुफाओं को पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि बस्तर की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक विकास को आगे बढ़ाना आवश्यक है। जुलाई 2026 में बस्तर के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान भी राष्ट्रपति ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित एवं संवर्धित करने और जनजातीय समुदायों की विकास यात्रा में सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया था।