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मजदूरी से आत्मनिर्भरता तक: सविता की सफलता की प्रेरक कहानी

April 29, 2026

मजदूरी से आत्मनिर्भरता तक: सविता की सफलता की प्रेरक कहानी
‘कृति किराना स्टोर’ से बदली 'लखपति दीदी' करतम सविता की किस्मत प्रतिमाह कमा रहीं 8 से 10 हजार रूपये सुकमा में 4 सेवा एक्सप्रेस के माध्यम से 5500 से अधिक महिलाएं बनी लखपति दीदी रायपुर, 29/जिले के कोंटा विकासखंड अंतर्गत नियद नेल्लानार ग्राम पोलमपल्ली की श्रीमती करतम सविता ने यह साबित कर दिया है कि यदि मेहनत को शासन की सही योजनाओं का साथ मिल जाए, तो ग्रामीण महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का रास्ता आसान हो जाता है। जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान से जुड़कर सविता ने मजदूरी के जीवन से बाहर निकलते हुए अपने परिवार के लिए सम्मानजनक और स्थायी आय का साधन तैयार किया है। करतम सविता बताती हैं कि पहले उनका परिवार मजदूरी और छोटे-मोटे कामों पर निर्भर था, जिससे आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर बनी रहती थी। लेकिन ‘प्रिया स्व-सहायता समूह’ से जुड़ने के बाद उन्हें नई दिशा मिली। समूह के माध्यम से 60 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने ‘कृति किराना स्टोर’ की शुरुआत की, जिससे आज उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और गांव में उनकी पहचान एक सफल महिला उद्यमी के रूप में बन गई है। आज सविता की किराना दुकान से सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक की शुद्ध आय अर्जित कर रही हैं। यह आय केवल आर्थिक लाभ नहीं, बल्कि उनके आत्मविश्वास और परिवार की खुशहाली का आधार बन गई है। सविता बताती हैं कि अब उन्हें रोज़गार के लिए भटकना नहीं पड़ता, बल्कि दुकान से नियमित आमदनी होती है और परिवार में सुख-शांति के साथ समृद्धि आई है। उनके व्यवसाय में परिवार के सभी सदस्य सहयोग करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई और भविष्य भी सुरक्षित हो रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं ‘लखपति दीदी’ अभियान के माध्यम से जिले की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिले में नवाचार पहल के तहत दूरस्थ अंचलों की महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने के लिए 4 सेवा एक्सप्रेस संचालित की जा रही है, जिसके माध्यम से अब तक लगभग साढ़े 5 हजार महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ के रूप में आत्मनिर्भर बनाया गया है, जो जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि है। लखपति दीदी योजना महिलाओं को केवल आर्थिक संबल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, सम्मान और एक नई पहचान भी प्रदान कर रही हैं। अपनी सफलता पर खुशी जताते हुए श्रीमती सविता ने कहा कि शासन की योजनाओं ने ग्रामीण महिलाओं के सपनों को पंख दिए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और ‘लखपति दीदी’ अभियान जैसी पहल ने उन्हें मजदूरी छोड़कर अपना व्यवसाय स्थापित करने का अवसर दिया। आज वे गर्व से कहती हैं कि वे आत्मनिर्भर हैं और उनके जैसे अनेक ग्रामीण महिलाएं शासन की योजनाओं से नई पहचान बना रही हैं।