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CM सम्राट की 6 मई की कैबिनेट बैठक में हो सकते हैं बड़े फैसले
May 3, 2026
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 6 मई को कैबिनेट की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जो शाम 5 बजे मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित की जाएगी। इस बैठक को राज्य सरकार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें कई बड़े नीतिगत फैसलों और प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा दोनों उपमुख्यमंत्री और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
फिलहाल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी दिल्ली दौरे पर हैं, जहां वे आज 3 मई को कई शीर्ष भाजपा नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर रहे हैं। इसी दौरे के दौरान उनकी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली चर्चाओं का सीधा असर बिहार कैबिनेट बैठक और संभावित कैबिनेट विस्तार पर भी पड़ सकता है। ऐसे में 6 मई की बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस कैबिनेट बैठक में सरकार कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दे सकती है। साथ ही नई नीतियों और योजनाओं पर भी चर्चा होने की संभावना है, जिनका उद्देश्य प्रशासनिक सुधार और विकास कार्यों को गति देना है। इससे पहले हुई कैबिनेट बैठक में कुल 63 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई थी, जिनमें सबसे प्रमुख निर्णय बिहार पुलिस में 20,937 नए पदों पर भर्ती का था। इस भर्ती प्रक्रिया में 50 प्रतिशत पद पदोन्नति के माध्यम से और बाकी 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती से भरे जाने का निर्णय लिया गया था, जिससे युवाओं को बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर मिले थे।
वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में कैबिनेट विस्तार को लेकर भी चर्चा तेज है। बताया जा रहा है कि अमित शाह के साथ होने वाली बैठक में बिहार कैबिनेट विस्तार के अंतिम स्वरूप पर मुहर लग सकती है। एनडीए गठबंधन के भीतर विभागों के बंटवारे को लेकर भी हलचल जारी है।
विशेष रूप से गृह विभाग को लेकर राजनीतिक खींचतान सामने आ रही है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की नजर गृह विभाग पर बताई जा रही है, जबकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जदयू भी इस महत्वपूर्ण विभाग को अपने प्रभाव में रखना चाहते हैं। उल्लेखनीय है कि 2025 के चुनाव के बाद जब सरकार बनी थी, तब गृह विभाग भाजपा के पास था। अब मुख्यमंत्री पद भाजपा के पास होने के कारण इस विभाग को लेकर नए समीकरण बनते दिख रहे हैं।
कुल मिलाकर 6 मई की कैबिनेट बैठक न केवल प्रशासनिक फैसलों के लिए बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकती है।