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दिल्ली में बोरवेल बनाना हुआ मुश्किल, पहले लगानी होगी ये व्यवस्था
May 5, 2026 Source: Indivox News
दिल्ली में बढ़ती गर्मी और संभावित जल संकट को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जल प्रबंधन को लेकर सख्त और व्यापक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली जल बोर्ड के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में पानी की उपलब्धता बढ़ाने, वितरण प्रणाली को बेहतर बनाने और जल संरक्षण को अनिवार्य करने जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।
बैठक में बताया गया कि राजधानी में पानी की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए करीब 1314 एमजीडी अतिरिक्त पानी की व्यवस्था की गई है। इसके तहत नए ट्यूबवेल लगाए गए हैं और लगभग 1300 पानी के टैंकर तैनात करने की योजना बनाई गई है, ताकि गर्मियों के दौरान किसी भी इलाके में पानी की कमी न हो। विशेष रूप से दक्षिणी दिल्ली में करीब 430 छोटे ट्यूबवेल लगाए गए हैं, जबकि पल्ला क्षेत्र में 60 उच्च क्षमता वाले ट्यूबवेल चालू किए गए हैं, जिससे नरेला और बादली जैसे इलाकों को राहत मिली है।
मुख्यमंत्री ने द्वारका में तैयार जल शोधन संयंत्र को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं, साथ ही दूसरे 50 एमजीडी प्लांट को भी तेजी से चालू करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में नए वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने के लिए विस्तृत योजना बनाने को कहा गया है।
पानी के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए टैंकरों की जीपीएस ट्रैकिंग और एक विशेष मोबाइल ऐप विकसित करने की योजना भी बनाई गई है। इससे टैंकरों की निगरानी और सप्लाई का रिकॉर्ड बेहतर तरीके से रखा जा सकेगा।
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ‘रेन वॉटर हार्वेस्टिंग’ को सरकारी और निजी दोनों संपत्तियों में अनिवार्य करने का फैसला लिया गया है। नई नीति के अनुसार, अब बिना रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम के किसी भी नए बोरवेल के लिए एनओसी नहीं मिलेगी। साथ ही, सरकारी भवनों में लगे सिस्टम का नियमित निरीक्षण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
इन सभी कदमों का उद्देश्य दिल्ली में जल संकट को कम करना, भूजल स्तर को सुधारना और हर नागरिक को स्वच्छ एवं पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है।