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समग्र शिक्षा अभियान शिक्षकों का वेतन बढ़ा, सरकार का बड़ा कदम
May 6, 2026 Source: Indivox News
दिल्ली कैबिनेट ने शिक्षकों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जिसके तहत समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े शिक्षकों और वोकेशनल शिक्षकों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। इस निर्णय को हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई, जिससे हजारों शिक्षकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
सरकार के अनुसार, समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों का मासिक वेतन अब ₹21,000 से बढ़ाकर ₹35,420 कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी लगभग ₹14,000 से अधिक की है, जो शिक्षकों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी। हालांकि, यह लाभ सभी शिक्षकों पर लागू नहीं होगा, बल्कि केवल उन शिक्षकों को मिलेगा जो इस अभियान के तहत संचालित 784 विशेष केंद्रों में कार्यरत हैं। इन केंद्रों का मुख्य उद्देश्य उन बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है जो या तो स्कूल नहीं जाते या जिन्होंने बीच में पढ़ाई छोड़ दी है।
इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने वोकेशनल शिक्षकों के वेतन में भी बड़ा बदलाव किया है। राजधानी में कार्यरत लगभग 1,131 वोकेशनल शिक्षक, जो विभिन्न ट्रेड और कौशल आधारित विषयों की ट्रेनिंग देते हैं, उनका मासिक वेतन अब बढ़ाकर ₹38,100 कर दिया गया है। पहले इन शिक्षकों को ₹20,000 से ₹23,000 के बीच मानदेय मिलता था। इस वृद्धि से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि उनके काम के प्रति प्रेरणा भी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने इस फैसले को केवल वेतन वृद्धि नहीं बल्कि शिक्षकों के समर्पण और मेहनत का सम्मान बताया है। उन्होंने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के शिक्षक कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। इसलिए उनका उचित सम्मान और आर्थिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
सरकार का उद्देश्य है कि राजधानी में कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से उन बच्चों तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है जो किसी कारणवश स्कूल नहीं जा सके। इन बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ने में शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार नियमित मॉनिटरिंग, अभिभावकों की काउंसलिंग और विभिन्न विभागों के सहयोग से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रही है। इस वेतन वृद्धि का उद्देश्य शिक्षकों का मनोबल बढ़ाना और शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारना है, ताकि वे और बेहतर तरीके से बच्चों के भविष्य को संवार सकें।