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बड़ा फैसला: MCD देगी फ्री अंतिम संस्कार सुविधा, NGO को पैसा
May 6, 2026 Source: Indivox News
दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और आम लोगों को राहत देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। दिल्ली नगर निगम (MCD) जल्द ही राजधानी में मुफ्त दाह संस्कार सेवा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। इस योजना के तहत इलेक्ट्रिक और CNG आधारित शवदाह गृहों का उपयोग किया जाएगा, जिससे लोगों को बिना किसी शुल्क के अंतिम संस्कार की सुविधा मिल सकेगी। इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक लकड़ी आधारित दाह संस्कार से होने वाले वायु प्रदूषण को कम करना है।
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, राजधानी के करीब 33 श्मशान घाटों के संचालन की जिम्मेदारी गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। जैसे ही यह प्रक्रिया पूरी होगी, सेवा लागू कर दी जाएगी। उम्मीद है कि यह सुविधा अगले महीने से शुरू हो सकती है और शुरुआती तौर पर दो वर्षों तक लागू रहेगी। इस दौरान इलेक्ट्रिक और CNG आधारित दाह संस्कार पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध रहेगा।
इस योजना के तहत श्मशान घाटों का संचालन करने वाले NGOs को आर्थिक सहायता भी दी जाएगी। हर दाह संस्कार के लिए उन्हें लगभग 500 रुपये की मदद प्रदान की जाएगी, जिससे रखरखाव और संचालन लागत को संतुलित किया जा सके। यह कदम पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वर्तमान में दिल्ली के नौ स्थानों पर CNG आधारित दाह संस्कार की सुविधा पहले से उपलब्ध है, जिनमें सराय काले खां, रोहिणी, द्वारका, ग्रीन पार्क, कड़कड़डूमा, गाजीपुर, सुभाष नगर, पंजाबी बाग और हस्तसाल शामिल हैं। इसके अलावा, सराय काले खां में एक नया आधुनिक श्मशान घाट भी जल्द शुरू होने वाला है, जहां CNG और इलेक्ट्रिक भट्टियों के साथ पारंपरिक चिताओं की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
यह योजना खासकर आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, क्योंकि अंतिम संस्कार का खर्च काफी कम हो जाएगा। साथ ही, इससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि इलेक्ट्रिक और CNG आधारित दाह संस्कार पारंपरिक तरीकों की तुलना में कम प्रदूषण फैलाते हैं।
इसके अलावा, वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए CAQM की बैठक में भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में हुए निरीक्षणों में कई उल्लंघन सामने आए, जिनके खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित है, जिसमें औद्योगिक इकाइयों को बंद करना, डीजल जनरेटर सील करना और पर्यावरण मुआवजा लगाना शामिल है। यह दर्शाता है कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगातार सख्त प्रयास किए जा रहे हैं।