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सरकार ने बदली सैन्य कमान, एनएस राजा बने CDS और स्वामीनाथन होंगे नेवी चीफ
May 9, 2026 Source: Indivox News
केंद्र सरकार ने देश के शीर्ष सैन्य नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि को भारत का नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) नियुक्त किया है। वह वर्तमान CDS जनरल अनिल चौहान की जगह लेंगे, जिनका कार्यकाल 30 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, राजा सुब्रमणि CDS पद संभालने के साथ-साथ सैन्य मामलों के विभाग में भारत सरकार के सचिव की जिम्मेदारी भी निभाएंगे। इससे पहले वह राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने भारतीय सेना में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं, जिनमें उप-सेनाध्यक्ष और मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ शामिल हैं।
एन.एस. राजा सुब्रमणि का सैन्य करियर बेहद शानदार रहा है। उन्होंने नेशनल डिफेंस एकेडमी से प्रशिक्षण लिया और दिसंबर 1985 में गढ़वाल राइफल्स में कमीशन प्राप्त किया। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने लंदन के किंग्स कॉलेज से मास्टर ऑफ आर्ट्स और मद्रास विश्वविद्यालय से डिफेंस स्टडीज में एम.फिल. की डिग्री हासिल की। अपने लंबे करियर में उन्होंने पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं से जुड़े कई रणनीतिक और ऑपरेशनल मामलों में अहम भूमिका निभाई है। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल, अति विशिष्ट सेवा मेडल, सेना मेडल और विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
इसके अलावा, सरकार ने वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन को भारतीय नौसेना का अगला प्रमुख नियुक्त किया है। वह वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी का स्थान लेंगे, जो 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। स्वामीनाथन फिलहाल पश्चिमी नौसेना कमान के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत हैं और 31 मई को आधिकारिक रूप से नौसेना प्रमुख का पदभार संभालेंगे। उनका कार्यकाल दिसंबर 2028 तक रहेगा।
करीब चार दशकों के अनुभव वाले वाइस एडमिरल स्वामीनाथन भारतीय नौसेना में संचार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध विशेषज्ञ माने जाते हैं। उन्होंने NDA खड़कवासला, यूनाइटेड किंगडम के जॉइंट सर्विसेज कमांड एंड स्टाफ कॉलेज, कॉलेज ऑफ नेवल वॉरफेयर और यूएस नेवल वॉर कॉलेज से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और विशिष्ट सेवा पदक (VSM) से सम्मानित किया गया है। इन दोनों नियुक्तियों को भारत की सैन्य और समुद्री सुरक्षा रणनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।