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लाल किला मेट्रो के बाहर अवैध पार्किंग पर चला हाईकोर्ट का डंडा
May 12, 2026 Source: Indivox News
दिल्ली में Delhi Metro के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास अवैध पार्किंग और लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम को लेकर Delhi High Court ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने लाल किला मेट्रो स्टेशन की पार्किंग साइट का लाइसेंस रद्द करने के एमसीडी के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि यह मामला केवल किसी ठेकेदार के व्यावसायिक हितों का नहीं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि सार्वजनिक सुविधा को निजी फायदे के लिए नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
जस्टिस अमित बंसल की बेंच ने एमसीडी द्वारा 13 अगस्त 2025 को जारी नोटिस को वैध माना। अदालत ने कहा कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लाल किला और चांदनी चौक जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में अव्यवस्थित और अवैध पार्किंग के कारण गंभीर जाम की स्थिति बन रही है। इसके बावजूद पार्किंग ठेकेदार ने नियमों का पालन नहीं किया और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ।
मामले में यह भी सामने आया कि पार्किंग का आधिकारिक ठेका केवल मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 और 2 के लिए दिया गया था, जबकि गेट नंबर 3 और 4 के पास भी गैरकानूनी तरीके से पार्किंग कर शुल्क वसूला जा रहा था। ट्रैफिक पुलिस ने फरवरी 2025 में एमसीडी को पत्र लिखकर इस अवैध पार्किंग को बंद कराने की मांग की थी और चेतावनी दी थी कि इससे किसी बड़े हादसे का खतरा पैदा हो सकता है।
एमसीडी ने अदालत को बताया कि दिसंबर 2024 में तीन साल के लिए पार्किंग का ठेका दिया गया था, लेकिन नियमों के उल्लंघन और तय सीमा से अधिक जगह पर पार्किंग कराने के आरोप में ठेकेदार पर 1.14 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया। साथ ही, कारण बताओ नोटिस जारी कर लाइसेंस रद्द करने, सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त करने और ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी गई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा सर्वोपरि है और जरूरत पड़ने पर एमसीडी ठेकेदार की सुरक्षा राशि व फिक्स्ड डिपॉजिट भी जब्त कर सकती है। हालांकि, अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि ब्लैकलिस्ट करने से पहले ठेकेदार को नियमानुसार सुनवाई का उचित अवसर दिया जाए।