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सत्ता परिवर्तन के बाद बंगाल में भ्रष्टाचार पर वार, सुजीत बोस गिरफ्तार
May 12, 2026 Source: Indivox News
पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगर निगम भर्ती घोटाले में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुजीत बोस को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि लंबी पूछताछ और जांच में सहयोग न करने के कारण यह कार्रवाई की गई। ईडी ने करीब 10 घंटे तक पूछताछ करने के बाद बोस को हिरासत में लिया। जांच एजेंसी का दावा है कि उनके बयानों में कई विरोधाभास पाए गए।
सुजीत बोस पर आरोप है कि 2014 से 2018 के बीच साउथ दमदम नगर निगम में लगभग 150 लोगों की अवैध भर्ती कराई गई। आरोपों के अनुसार, इन नियुक्तियों के बदले पैसे और फ्लैट लिए गए थे। उस समय बोस नगर पालिका के उपाध्यक्ष थे। ईडी की जांच में कई ऐसे दस्तावेज और बैंक लेनदेन सामने आए हैं, जिनसे भारी मात्रा में नकद जमा होने और संपत्तियां हासिल करने के संकेत मिले हैं।
इस मामले में ईडी ने अक्टूबर 2025 में पश्चिम बंगाल के कई स्थानों पर छापेमारी की थी। छापों के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ बड़ी मात्रा में नकदी भी बरामद की गई थी। जांच एजेंसी का कहना है कि भर्ती घोटाले से अर्जित संपत्तियों को “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” के तहत चिन्हित किया गया है।
नगर निगम भर्ती घोटाला राज्य के कई नगर निगमों और नगरपालिकाओं में हुई कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ा है। शुरुआत में यह मामला शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के दौरान सामने आया था, लेकिन बाद में जांच का दायरा बढ़ता गया। आरोप है कि मजदूर, क्लर्क, ड्राइवर, स्वीपर, हेल्पर और अन्य पदों पर नियमों को नजरअंदाज कर नियुक्तियां की गईं।
सुजीत बोस टीएमसी के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। वह तीन बार विधायक रह चुके हैं और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता था। उनकी गिरफ्तारी को राज्य की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि सत्ता परिवर्तन के बाद यह पहली बड़ी कार्रवाई है।