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NEET-UG रद्द होने पर सियासत तेज, राहुल गांधी ने मोदी सरकार को घेरा
May 12, 2026 Source: Indivox News
NEET-UG 2026 परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द कर दी गई है, जिसके बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। इस मामले पर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी अब बीजेपी सरकार की पहचान बन चुकी है और यह देश के युवाओं के भविष्य के साथ बड़ा अपराध है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि 22 लाख से अधिक छात्रों की मेहनत, सपने और संघर्ष भ्रष्ट व्यवस्था की वजह से बर्बाद हो गए। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों ने दिन-रात मेहनत की, परिवारों ने कर्ज लेकर कोचिंग और पढ़ाई का खर्च उठाया, लेकिन बदले में उन्हें पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार मिला। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं जबकि ईमानदार छात्र मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ झेलते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाए। पार्टी ने कहा कि लगातार होने वाले पेपर लीक यह दिखाते हैं कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित रखने में पूरी तरह विफल रही है। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि पेपर लीक माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है।
इस बीच, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक रूप से NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द करने की घोषणा कर दी है। एजेंसी के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया। मामले की जांच अब Central Bureau of Investigation यानी CBI को सौंप दी गई है। NTA ने कहा है कि नई परीक्षा तारीख जल्द घोषित की जाएगी।
जांच में सामने आया है कि राजस्थान के सीकर से पेपर लीक नेटवर्क संचालित हो रहा था। राजस्थान SOG ने अब तक 45 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक यह नेटवर्क नासिक, हरियाणा, जयपुर और सीकर से होते हुए कई राज्यों तक फैला हुआ था। आरोप है कि परीक्षा से पहले बायोलॉजी और केमिस्ट्री के करीब 120 सवाल लीक हो चुके थे, जो बाद में परीक्षा में हूबहू पूछे गए।
परीक्षा रद्द होने के बाद देश के कई हिस्सों में छात्रों और छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया। NSUI कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की है। अब लाखों छात्र नई परीक्षा तारीख का इंतजार कर रहे हैं और पूरे मामले पर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।