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कांग्रेस से BJP तक का सफर, Ajanta Neog ने कैसे बदली अपनी राजनीतिक किस्मत?
May 12, 2026 Source: Indivox News
असम की राजनीति में एक बड़ा नाम बन चुकीं Ajanta Neog एक बार फिर चर्चा में हैं। मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma की नई सरकार में उन्हें कैबिनेट की इकलौती महिला मंत्री बनाया गया है। खास बात यह है कि अजंता नियोग करीब 25 वर्षों तक कांग्रेस में रहीं, लेकिन बीजेपी में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक चमक और बढ़ गई।
गुवाहाटी में 1964 में जन्मीं अजंता नियोग एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनकी मां रेबती दास भी विधायक रह चुकी थीं। अजंता ने Gauhati University से MA, LLB और LLM की पढ़ाई पूरी की और बाद में गुवाहाटी हाई कोर्ट में वकालत शुरू की। हालांकि उनकी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब 1996 में उनके पति और तत्कालीन मंत्री नागेन नियोग की उग्रवादी हमले में हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा।
अजंता नियोग ने कांग्रेस के टिकट पर 2001 में गोलाघाट विधानसभा सीट से पहली जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने लगातार 2006, 2011 और 2016 के चुनावों में जीत हासिल कर अपनी मजबूत पकड़ साबित की। खासतौर पर 2011 में उन्होंने रिकॉर्ड वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। गोलाघाट सीट पर उनकी लोकप्रियता इतनी मजबूत रही कि वह लगातार छह बार विधायक बनने में सफल रहीं।
साल 2020 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर Bharatiya Janata Party का दामन थाम लिया। उनके इस फैसले ने असम की राजनीति में नया समीकरण खड़ा कर दिया। बीजेपी में आने के बाद भी जनता के बीच उनकी लोकप्रियता बरकरार रही और उन्होंने 2021 के चुनाव में शानदार जीत दर्ज की। अब 2026 में भी उन्होंने अपनी सीट बचाते हुए लगातार छठी बार विधानसभा पहुंचने का रिकॉर्ड बनाया है।
अजंता नियोग को असम की पहली महिला वित्त मंत्री बनने का गौरव भी हासिल है। लंबे राजनीतिक अनुभव, प्रशासनिक समझ और लगातार चुनावी सफलताओं के कारण आज उन्हें राज्य की सबसे प्रभावशाली महिला नेताओं में गिना जाता है।