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दर्दनाक हादसा: सिलेंडर ब्लास्ट में चार की मौत, पूर्व मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
May 12, 2026 Source: Indivox News
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के कुम्हारी थाना क्षेत्र स्थित खपरी गांव में हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। मंगलवार दोपहर हुए इस हादसे में एक ही परिवार के चार लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई, जिसने धीरे-धीरे एक बड़े विस्फोट का रूप ले लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शॉर्ट सर्किट से लगी आग पहले घर के बाहर बने तिरपाल और प्लास्टिक से बने अस्थायी ढांचे में फैली। इसके बाद आग तेजी से रसोई तक पहुंच गई, जहां गैस सिलेंडर रखा था। आग की तीव्रता के कारण सिलेंडर में जोरदार धमाका हुआ, जिससे पूरा मकान आग की चपेट में आ गया। घर के अंदर मौजूद लोग बाहर निकलने का मौका ही नहीं पा सके और सभी की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों में दो बहनें चांदनी वैष्णव (18 वर्ष) और लक्ष्मी वैष्णव (20 वर्ष), उनके पिता अनिल वैष्णव (45 वर्ष) और एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची गोपिका वैष्णव शामिल हैं। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर के बाहर थे, जिससे उनकी जान बच गई, लेकिन मासूम बच्ची अंदर फंस गई और वह भी इस हादसे का शिकार हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग पूरे घर में फैल चुकी थी। इसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया गया। घर से चारों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
इस दर्दनाक घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विभाग की लापरवाही के कारण यह बड़ा हादसा हुआ है और जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग भी की।
वहीं, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने प्रशासन को जांच के आदेश दिए और प्रभावित परिवार की हर संभव मदद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है, जबकि लोग बिजली व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर सवाल उठा रहे हैं।