India
जनप्रतिनिधियों से सीएम योगी की अपील: सार्वजनिक परिवहन अपनाएं
May 13, 2026 Source: Indivox News
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में राज्य में ऊर्जा संरक्षण और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव और निर्देश जारी किए हैं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सामने आई है, जिसका उद्देश्य देशभर में ईंधन और बिजली की खपत को कम करना और सतत विकास को प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री ने औद्योगिक संस्थानों, बड़े स्टार्टअप्स और अन्य निजी कंपनियों को सलाह दी है कि वे अपने कार्य मॉडल में ‘वर्क फ्रॉम होम’ (WFH) व्यवस्था को अपनाने पर विचार करें। उन्होंने विशेष रूप से सुझाव दिया कि जिन संगठनों में बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं, उन्हें सप्ताह में कम से कम दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने के लिए प्रदेश स्तर पर एक औपचारिक एडवाइजरी जारी की जाए। इससे न केवल यातायात दबाव कम होगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सरकारी तंत्र में भी डिजिटल और वर्चुअल माध्यमों के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिया कि शिक्षा विभाग से जुड़े सेमिनार, वर्कशॉप और अन्य बैठकों को जहां तक संभव हो, ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया जाए। इसी तरह सचिवालय और निदेशालय स्तर की कम से कम 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकों को वर्चुअल मोड में करने की बात भी कही गई है, जिससे प्रशासनिक कार्य अधिक कुशल और पर्यावरण-अनुकूल बन सके।
सीएम योगी ने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की है कि वे सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। इसके साथ ही उन्होंने ‘नो व्हीकल डे’ (वाहन रहित दिवस) को लागू करने का सुझाव दिया, जिसमें सरकारी कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थी और समाज के अन्य वर्ग भी शामिल हों। इस पहल का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण और ईंधन की खपत को कम करना है।
ऊर्जा संरक्षण के व्यापक अभियान के तहत मुख्यमंत्री ने नागरिकों से भी अनावश्यक बिजली उपयोग से बचने की अपील की है। उन्होंने सरकारी भवनों, निजी प्रतिष्ठानों और घरों में बिजली की बचत को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने की बात भी कही गई है, जिससे सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाया जा सके।
इसके अलावा, उन्होंने आम जनता से अनावश्यक सोने की खरीद से बचने का आग्रह भी किया है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे ज्वेलर्स एसोसिएशन और व्यापारिक संगठनों के साथ संवाद कर उनकी चिंताओं को दूर करें।
कुल मिलाकर, यह पूरी पहल ऊर्जा संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और डिजिटल कार्य संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राज्य में संसाधनों का अधिक प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग सुनिश्चित करना है।