Friday, May 15, 2026 English edition
Indi Vox News Indi Vox News

Every Voice Matters

India

Tata Motors Strategy : बढ़ती कीमतों से परेशान टाटा, अब हर खर्च पर रहेगी नजर

May 14, 2026 Source: Indivox News

Tata Motors Strategy : बढ़ती कीमतों से परेशान टाटा, अब हर खर्च पर रहेगी नजर
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ती वैश्विक महंगाई का असर अब भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर पर भी साफ दिखाई देने लगा है। देश की प्रमुख कमर्शियल वाहन निर्माता कंपनी Tata Motors ने मौजूदा हालात को देखते हुए अपनी खर्च और निवेश योजनाओं में सतर्कता बरतने का फैसला किया है। कंपनी के एमडी और सीईओ Girish Wagh ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आर्थिक अनिश्चितता ने कंपनी के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। हालांकि कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 के लिए तय किए गए लगभग 3,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत निवेश (Capex) लक्ष्य में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन खर्च के समय और प्राथमिकताओं में बदलाव संभव है। कंपनी आमतौर पर अपनी आय का 2% से 4% हिस्सा निवेश योजनाओं के लिए सुरक्षित रखती है। बढ़ती कमोडिटी कीमतों और सप्लाई चेन पर दबाव के कारण कंपनी अब अपने खर्च को अधिक सोच-समझकर करने की तैयारी में है। टाटा मोटर्स के अनुसार, युद्ध के कारण कच्चे माल और ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर ऑटो इंडस्ट्री पर पड़ रहा है। खासतौर पर डीजल की बढ़ती कीमतें कंपनी के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं, क्योंकि कमर्शियल वाहनों के परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 20% से 50% तक होती है। ऐसे में अगर डीजल महंगा होता है तो बाजार की मांग प्रभावित हो सकती है। कंपनी ने यह भी माना कि ग्राहक अब वाहन खरीदने से पहले अधिक सोच-विचार कर रहे हैं। फिर भी जरूरत के कारण बाजार में मांग बनी हुई है। टाटा मोटर्स कमोडिटी कीमतों और मानसून की स्थिति पर भी लगातार नजर रख रही है, क्योंकि इनका असर वाहन उद्योग की मांग पर पड़ सकता है। एक्सपोर्ट बाजारों में भी चुनौतियां बढ़ी हैं। पश्चिम एशिया, उत्तरी अफ्रीका और SAARC देशों जैसे बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका में कारोबार प्रभावित हुआ है। श्रीलंका में ईंधन संकट के कारण स्थिति और गंभीर बनी हुई है। इसके बावजूद कंपनी को उम्मीद है कि संघर्ष खत्म होने के बाद इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में तेजी आएगी और मांग दोबारा मजबूत होगी। इन सभी चुनौतियों के बावजूद Tata Motors को भरोसा है कि वित्त वर्ष 2027 में घरेलू कमर्शियल वाहन उद्योग सिंगल-डिजिट ग्रोथ दर्ज करेगा और बाजार की मांग मजबूत बनी रहेगी।